Friday, 28 April 2017

advantage of anulom vilom | anulom vilom karne ke fayde


अनुलोम-विलोम प्रणायाम करने के फायदे-


अनुलोम-विलोम प्रणायाम आप  बहुत आसानी से कर सकते है अनुलोम-विलोम प्रणायाम को हमेशा खली पेट ही करना चाहिए अनुलोम-विलोम प्रणायाम में  सांस लेने और सांस छोड़ने की की बिधि को दुहराया जाता है  इस प्रणायाम को नाड़ी शोधक नामक से भी जाना जाना जाता है इस प्रणायाम को रोजाना करने से शरीर की सभी नाड़िया स्वस्थ रहती है और मस्तिक भी बिल्कुल स्वस्थ रहता है.


अनुलोम-विलोम के फायदे-

1. इस योग को रोज करने से फेफड़े स्वस्थ और मजबूत होते है .

2.इस प्रणायाम से मस्तिक बिल्कुल स्वस्थ होता है और साथ ही हमारी याददास्त भी अच्छी होती है .

3.अनुलोम-विलोम करने से शरीर का रक्त संचार बिल्कुल अच्छा रहता है .

4.अनुलोम-विलोम  विद्यार्थियों के लिए बहुत ही अच्छा होता है.

5. अनुलोम-विलोम योग करने से  गैस की समस्या दूर होती है .

अनुलोम-विलोम करने की विधि-

1-किसी खुली हुयी जगह पर  पेड़ के नीचे दरी या आसन बिछाकर उस पर पर योग करें.

2.आप दाहिने हाथ के अंगूठे से नासिक के दाये छिद्र को बंद करें ,नाशिक के बाएं छिद्र से सांस ले .

3. फिर बाएं हाथ की उंगलियों से नासिक के छिद्र को बंद कर ले .उसके बाद दाहिनी नासिक के अंगूठे को हटा दे .


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