पुदीना ग्रीष्म ऋतु में बहुत अच्छी मात्रा में पाया जाता है,पुदीना गर्मी की की बजह से होने वाले रोगों में अत्यंत ही लाभदायक होता है जैसा की गर्मी से होने वाले रोग हैजा,उल्टी,अदि बीमारियों में अत्यंत लाभदायक होता है पुदीना खाने की विधि थोड़े से पानी में पुदीना पीस कर उसमे भुना हुआ जीरा,निम्बू तथा नमक मिला कर पिने से ये पेट में होने वाली खट्टी डकार और पेचिस में बहुत ही लाभप्रद है,
बुखार के लिए पुदीना- थोड़े से पुदीना की पत्तियों को एक कफ पानी में अच्छी तरह उबालें और उसे छान कर उसमे मिश्री मिला ले और ,इससे चाय की तरह पीये जिससे बुखार ठीक होने के साथ दुर्बलता भी दूर हो जाएगी
गर्मियों में- गर्मियों में धूप की बजह से लू लग जाना और चक्कर आ जाना इन सब के लिए पुदीना को पानी में पीस कर उसमे कला नमक मिला कर दे , इसलिए पुदीना से गर्मियों में बहुत ही राहत मिलेगी.
उल्टी आना- पुदीना उल्टियों के लिए रामबांड़ दबा है इसके सेवन से उल्टी बिल्कुल शांत हो जाती है .
पेट दर्द- पेट दर्द के लिए पुदीना बहुत अच्छा है ज्यादातर लोगो खाना खाने के बाद पानी पी लेते है जिससे खाना ठीक से पच नही पता है और गेस बनना चालू हो जाती है


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